कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “हमने 25 जुलाई को अच्छे इरादे से अपना विरोध प्रदर्शन वापस लिया था. सरकार ने हमें भरोसा दिलाया था कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी केस वापस ले लिए जाएंगे. लेकिन सरकार ने अभी तक छात्रों पर दर्ज केस वापस नहीं लिए हैं.
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन खत्म होने के बाद, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस कराने की कोशिश कर रही है. CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार द्वारा उनकी मांगें मान लिए जाने के बाद पार्टी ने 25 जुलाई को अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया था. लेकिन सरकार ने अभी तक छात्रों पर दर्ज केस वापस नहीं लिए हैं. इस पर CJP ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है.

सौरव दास ने कहा, “हमने 25 जुलाई को अच्छे इरादे से अपना विरोध प्रदर्शन वापस लिया था. सरकार ने हमें भरोसा दिलाया था कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी केस वापस ले लिए जाएंगे. हमें आशंका थी कि विरोध खत्म होने के बाद लोगों को निशाना बनाया जाएगा, और असल में ऐसा ही हो रहा है. CJP ने इस मामले में सीनियर वकील कपिल सिब्बल से सलाह मांगी है.”

इस पर कपिल सिब्बल ने कहा, “हमने उन सभी जगहों पर छात्रों को कानूनी मदद देने का फैसला किया है जहां उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं. मैं कानूनी लड़ाई के लिए व्यक्तिगत रूप से ₹1 करोड़ का योगदान दूंगा और दूसरों से भी योगदान करने का आग्रह करूंगा. ऐसा लगता है कि दिल्ली पुलिस फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके लोगों को निशाना बनाना चाहती है, और मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी की जा रही है. कपिल सिब्बल ने कहा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. हालांकि, अगर ऐसा होता है, तो हम कानून के अनुसार मदद करेंगे.”

CJP की करेंगे सहायता

वहीं, कपिल सिबल ने साफ किया कि वे सिर्फ उनके कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए उनका समर्थन कर रहे हैं और ग्रुप खुद तय करेगा कि आगे क्या करना है. उनका एकमात्र मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गलत काम के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ कोई अन्याय न हो.

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