जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल लोगों को मुफ्त खाना खिलाने वाले जुनैद भाई को लेकर कार्रवाई का मामला सामने आया है।
रिपोर्टों के अनुसार, यूपी पुलिस उनके घर पहुँची और उनके वालिद तथा नाबालिग भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की। साथ ही उनका पासपोर्ट और आधार कार्ड भी अपने कब्ज़े में लिया गया।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने उनसे दिल्ली से उत्तर प्रदेश वापस आने को भी कहा।
आरोप यह भी है कि पुलिस जुनैद भाई की बहन के ससुराल पहुँची और वहाँ उनके ससुर तथा देवर को भी हिरासत में लिया।
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को मुफ्त खाना और पानी मुहैया कराने वाले वॉलंटियर मोहम्मद जुनैद के परिवार पर यूपी पुलिस द्वारा कार्रवाई करने और परिजनों को हिरासत में लेने के आरोप लगे हैं। इस मामले में जुनैद और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि स्थानीय पुलिस ने इन दावों से इनकार किया है
जुनैद का दावा: जुनैद का आरोप है कि जंतर-मंतर पर सेवा करने के कारण यूपी पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी, उनके पिता और नाबालिग भाई को हिरासत में ले लिया तथा पासबुक व आधार कार्ड जब्त कर लिए।
- मेरठ पुलिस का बयान: पर दी गई जानकारी के अनुसार, मेरठ पुलिस के अधिकारियों (एसएसपी और एसपी सिटी) ने स्पष्ट किया है कि उनके जिले में जुनैद के परिवार के किसी भी सदस्य को हिरासत में नहीं लिया गया है और इस तरह की कोई कार्रवाई उनके संज्ञान में नहीं आई है।






