अभिजीत दीपके के गुंडों ने मुझे खूब पीटा… आपबीती बताते हुए फूट-फूट कर रोने लगी स्याही फेंकने वाली बरखा त्रेहन
शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर कॉकरोज जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंका था. जिसके बाद उस महिला के साथ क्या कुछ हुआ, इसकी कहानी उन्होंने खुद से बताई है.
नई दिल्ली: Abhijit Deepke Ink Attack: कॉकरोज जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली महिला बरखा त्रेहन ने अब अपनी आपबीती बताई है. बरखा त्रेहन स्याही फेंकने का कारण भी बताया और उसके बाद उनके साथ क्या कुछ हुआ वह भी बताया. वो इस दौरान फूट-फूट कर रोने लगी. बरखा त्रेहन ने कहा कि अभिजीत दीपके के गुंडों ने मेरे बाल नोचे, खरोचा, मुझे खूब पीटा. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस वाले नहीं बचाते तो वो लोग मुझे मार डालते. मेरा किसी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहींः बरखा बरखा त्रेहन ने कहा, ‘मैं शांतिपूर्ण विरोध के बिल्कुल भी खिलाफ नहीं हूं. मेरा किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. अभी जो कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें वे ‘कॉकरोच’ और ‘कॉकरोच पार्टी’ शामिल हैं, उसका असल NEET मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है; यह एक राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित है…
भगवान राम का मजाक उड़ा रहे थे, इसलिए फेंकी स्याहीः त्रेहन उन्होंने आगे कहा कि आप सोच भी नहीं सकते कि अभिजीत के गुंडों ने मेरे साथ कैसा बर्ताव किया… अभिजीत और उसके साथी मंच पर ही भगवान श्री राम और माता सीता का मज़ाक उड़ा रहे थे… मैंने विरोध जताने के लिए अभिजीत पर स्याही फेंकी; मुझे ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा… मैं ऐसी बातें कभी बर्दाश्त नहीं करती, चाहे वे बातें माता दुर्गा, माता काली या भगवान श्री राम के बारे में हों.
दीपके के गुंडों ने मुझे मारा-पीटाः बरखा
बरखा ने आगे कहा कि जहां तक गुंडों की बात है, उन्होंने मुझे बुरी तरह पीटा; उन्होंने मुझे मारा-पीटा और मेरे बाल खींचे… मैं दिल्ली पुलिस की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे बचाया और सुरक्षित जगह पहुंचाया. मैंने कुछ गलत नहीं किया था; मैंने कोई हिंसा नहीं की थी. फिर भी, उन्होंने मुझ पर इतनी भयानक हिंसा की, और वे सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रहे हैं. मैं सोनम वांगचुक को यही बताने गई थी: कि वे उनका इस्तेमाल कर रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने अन्ना हजारे का इस्तेमाल किया था…”
