ओडिशा में बुधवार को छह अलग-अलग घटनाओं में 12 लोगों की डूबने से मौत हो गई। इनमें छह बच्चे शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ज्यादातर हादसे गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए। ये घटनाएं जगतसिंहपुर, सुंदरगढ़, गंजाम, जगतसिंहपुर, भद्रक और कोरापुट जिलों में हुईं।

जगतसिंहपुर जिले में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान चार युवक नदी के तेज बहाव में बह गए। फायर सर्विस के जवानों ने चारों के शव निकाले।

मृतकों की पहचान मनोजित स्वैन, स्वप्नजीत बारिक, रश्मिरंजन नायक और जगन्नाथ पालेई के रूप में हुई है। चारों की उम्र 20 वर्ष के आसपास थी।

14 साल के 3 बच्चे नदी-तालाब में डूबे

गंजाम जिले की घोड़ाहाड़ नदी में बुधवार दोपहर को गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबने से 14 साल के 2 बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान आदर्श साहू और प्रीतम सामेली के रूप में हुई है। दोनों बच्चे विसर्जन के लिए आए थे और गहरे पानी में जाने से डूब गए।

इसी जिले के दिगपहांडी थाना क्षेत्र में सुबह 10 बजे गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान 8वीं क्लास का एक स्टूडेंट तालाब में डूब गया। उसे दिगपहांडी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान सितांशु जेना (14) के रूप में हुई है।

पूजा के लिए रेत लेने पहुंची थी तीनों बच्चियां

सुंदरगढ़ जिले के रायबोगा थाना क्षेत्र के सालंगाबहाल गांव में शंख नदी में तीन बच्चियां डूब गईं। ये बच्चियां करमा पूजा के लिए नदी की रेत लाने आई थीं। पैर फिसलने से एक बच्ची नदी में जा गिरी, उसे बचाने के दो अन्य कूदीं और तीनों की मौत हो गई।

मृतकों की पहचान 6 वर्षीय गीतिका साहू, 6 वर्षीय सिबिका साहू और 8 वर्षीय श्रुति साहू के रूप में हुई है। तीनों मजहाटोली की रहने वाली थीं। तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।

पुलिस के अनुसार, भद्रक और कोरापुट जिलों में भी गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबने से 2 लोगों की मौत हुई है।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी में बहे दो छात्रों के शव 48 घंटे बाद बरामद कर लिए गए हैं। शनिवार को एक छात्र का शव मिला था, जबकि दूसरे और तीसरे छात्र का शव अब बरामद किया गया है। दोनों के शव नदी में पत्थरों के नीचे बने खोखले हिस्से में फ

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version