कानपुर की रिचा सचान गाजियाबाद में दोरागा थीं. यहां उनके साथ वो हुआ, जिससे हर कोई सकते में आ गया. महज 25 साल की उम्र में रिचा की मौत हो गई.

कौन थीं रिचा सचान?
वह कानपुर निवासी थीं, 2023 बैच की यूपी पुलिस में नियुक्त सब‑इंस्पेक्टर (SI)। उनकी पहली पोस्टिंग गाजियाबाद के कविनगर थाने की शास्त्रीनगर चौकी पर थी, जहाँ वे अकेले किराए के कमरे में रह रही थीं।

हादसा कैसे हुआ?
यह घटना 17–18 अगस्त 2025 (रविवार देर रात) दोपहर के लगभग रात के 2 बजे हुई। ड्यूटी खत्म कर वह बुलेट (या स्कूटी) से अपने आवास के लिए रवाना हुईं। कार्ट चौक (शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र) के पास अचानक एक आवारा कुत्ता सड़क पर आ गया, जिसे बचाने की कोशिश में उनका वाहन अनियंत्रित होकर गिर गया। गिरने के बाद उन्हें पीछे से आती कार ने टक्कर मार दी, जिससे सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उनका परिवार और सपने।
रिचा एसआई बनने से पहले सिविल सेवा (IAS/PCS) की तैयारी भी कर रही थीं। पिता रामबाबू सचान किसान हैं, उनकी एक बहन और तीन भाई हैं—बड़े भाई सिंचाई विभाग में, दूसरे फतेहपुर में शिक्षक, तीसरे हरिद्वार में सॉफ्टवेयर इंजीनियर। उनकी शादी अगली साल तय थी।पुलिस स्थल (कविनगर चौकी के पास) पर पहले भी उनके साथ दो दुर्घटनाएँ हो चुकी थीं—एक में पैर में फ्रैक्चर आया था और दूसरी में हाथ में चोट।

यह घटना आवारा कुत्तों और सड़क सुरक्षा की गंभीर समस्या को फिर से उजागर करती है। सुप्रीम कोर्ट भी इस समस्या को लेकर संवेदनशील हो चुका है और इसके लिए सख्त निर्देश जारी कर चुका है:

  • डॉग शेल्टर निर्माण और CCTV की व्यवस्था (8 हफ्तों में)
  • आवारा कुत्तों की संख्‍या नियंत्रित करने हेतु 5,000 कुत्तों की पकड़ अभियान (6 हफ़्ते में)
  • डॉग बाइट और रेबीज से जुड़ी हेल्पलाइन
  • रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करना
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