रूस, भारत का प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है, जिसने इराक और सऊदी अरब जैसे पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं को पीछे छोड़ दिया है। जून 2025 में, भारत ने रूस से 2.08 मिलियन बैरल प्रति दिन (bpd) कच्चा तेल आयात किया, जो पिछले 11 महीनों में सबसे अधिक है. यह आयात मई 2025 की तुलना में 12.2% अधिक है, जो रूसी तेल की प्रतिस्पर्धी कीमतों और लॉजिस्टिक लचीलेपन को दर्शाता है,. रूस से प्राप्त कच्चा तेल भारत के रिफाइनरियों के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह प्रतिस्पर्धी कीमतों और छूट पर उपलब्ध है, Sanskriti IAS के अनुसार.
भारत-रूस ऊर्जा सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण पहलू है, और दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक हितों को साझा करते हैं. भारत, रूस से कच्चे तेल के अलावा उर्वरक, कीमती पत्थर और अन्य वस्तुएं भी आयात करता है, IBEF के अनुसार. भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत बने हुए हैं, जिसमें वार्षिक शिखर सम्मेलन और रक्षा, परमाणु ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग शामिल है.