टैरिफ से निपटने के प्रयास तेज, अमेरिका में भी बढ़ने लगी चिंता

नई दिल्ली/वाशिंगटन, विशेष संवाददाता/एजेंसी:
अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर शुल्क बढ़ने के बाद भारत ने टैरिफ युद्ध से निपटने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। भारत के केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने अब 40 देशों के साथ व्यापार बढ़ाने की रणनीति बनाई है। इसके लिए उच्च स्तर पर समझौते किए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, भारत अब अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए अलग-अलग देशों के साथ व्यापारिक रिश्ते मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। अमेरिका में टैरिफ के विकल्प के तौर पर, मंत्रालय की एक बैठक में तय किया गया है कि भारत 40 देशों के साथ व्यापार को मजबूती देगा और इसके लिए खास रणनीति बनाई जा रही है।

इस योजना के तहत भारत जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, फ्रांस, इटली, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, इज़राइल, वियतनाम, सिंगापुर, थाईलैंड, चिली, अर्जेंटीना, मैक्सिको, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका जैसे देशों के साथ व्यापार को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रहा है।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की बैठक में लिया गया फैसला:

  • ₹1.20 लाख करोड़ रुपये हुईं चर्चाओं के आधार पर समझौते।
  • ₹500 करोड़ के बढ़ते टैरिफ के विकल्प तलाशे जाएंगे।
  • यह समझौते विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार बढ़ाने के लिए होंगे।

बैंक ऑफ अमेरिका की आर्थिक रिपोर्ट में बताया गया है कि टैरिफ का मुकाबला करने के लिए अमेरिका ने दरें बढ़ाईं जिससे ऑटो और खुदरा बाजार प्रभावित हो रहे हैं।

  • GDP की वृद्धि दर घटी है – अब केवल 1.5% रह गई है।
  • डॉलर में गिरावट आई है और भारत से आयात किए जाने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ने के कारण महंगाई भी बढ़ी है।

भारत-अमेरिका जल्द साथ आएंगे: बेसेंट

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, एजेंसी:
अमेरिका उम्मीद कर रहा है कि भारत और अमेरिका जल्द ही टैरिफ विवाद सुलझा लेंगे। अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी बेसेंट ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत हैं और व्यापार को लेकर जल्द समाधान निकलेगा।

अपनी सीमाओं से कोई समझौता नहीं करेगा भारत

नई दिल्ली: भारत साफ कर चुका है कि वह अपनी नीति और सीमाओं के दायरे में रहकर ही निर्णय लेगा। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं करेगा। भारत टैरिफ विवाद को शांति से सुलझाना चाहता है लेकिन वह अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।

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