भारत की मिट्टी, यहाँ की संस्कृति और हमारी विरासत ही हमारी असली पहचान है। जब नेतृत्व अडिग हो और इरादे फौलादी, तो हर लक्ष्य संभव हो जाता है। आज देश एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ हर भारतीय का सहयोग और समर्थन राष्ट्र निर्माण के लिए अनिवार्य है।
योगी आदित्यनाथ जी का यह विजन केवल एक विचार नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का प्रतिबिंब है। क्या आप एक ऐसे सशक्त और गौरवशाली भारत के निर्माण के लिए तैयार हैं जो अपनी जड़ों से जुड़ा हो?
“राष्ट्र सर्वोपरि” के इस महाकुंभ में आपकी भागीदारी ही सबसे बड़ी ताकत है। यह समय है अपनी आवाज उठाने का, एकजुट होने का और दुनिया को यह दिखाने का कि हम अपनी विरासत पर गर्व करते हैं।
शक्तिशाली भारत के इस संकल्प में क्या आप साथ हैं?






