उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों और किसानों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने आपदा राहत के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि बढ़ा दी है।

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिवार को पहले मिलने वाले ₹4 लाख के बजाय ₹8 लाख की आर्थिक सहायता मिलेगी। यानी मुआवजे की राशि दोगुनी कर दी गई है।

यह फैसला राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के तहत सहायता के नए मानकों में बदलाव करके लिया गया है।

किन परिस्थितियों में मिलेगा ₹8 लाख मुआवजा?

प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके पात्र परिजनों को ₹8 लाख की सहायता देने का प्रावधान किया गया है।

इसमें प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी घटनाएं शामिल हो सकती हैं, जैसे:

  • बाढ़ में डूबने से मृत्यु।
  • आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु।
  • भूकंप से मृत्यु।
  • अतिवृष्टि और अन्य अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं से मृत्यु।
  • अन्य पात्र प्राकृतिक आपदा संबंधी दुर्घटनाएं।

ध्यान दें: सहायता के लिए घटना का सरकारी नियमों के तहत प्राकृतिक आपदा के रूप में पात्र होना और आवश्यक दस्तावेजों से पुष्टि होना जरूरी है।

2. किसानों के लिए भी बढ़ा मुआवजा

सरकार ने फसल बर्बाद होने पर मिलने वाली सहायता राशि में भी लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है।

मकान गिरने पर भी मिलेगी ज्यादा सहायता

प्राकृतिक आपदा में मकान क्षतिग्रस्त होने पर नई सहायता राशि इस प्रकार है:

  • मैदानी क्षेत्र में पूरी तरह पक्का मकान क्षतिग्रस्त होने पर ₹1.85 लाख।
  • पहाड़ी क्षेत्र में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान पर ₹2.06 लाख।
  • मैदानी क्षेत्र में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान पर ₹93,000।
  • नए सहायता मानक वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेंगे।
  • 1 अप्रैल 2026 से 4 नवंबर 2026 तक हुए पात्र नुकसान को भी संशोधित मानकों के अनुसार शामिल किया जाएगा।
  • व्यक्तिगत लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी।
  • लाभार्थियों की सूची और पात्रता का आधार सार्वजनिक करने की व्यवस्था की गई है।

गर किसी परिवार में प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु हुई है, तो परिवार इन अधिकारियों से संपर्क कर सकता है:

  1. अपने क्षेत्र के लेखपाल से संपर्क करें।
  2. तहसीलदार या एसडीएम कार्यालय में घटना की जानकारी दें।
  3. जिलाधिकारी कार्यालय के आपदा राहत विभाग में आवेदन की प्रक्रिया पूछें।
  4. मृत्यु प्रमाणपत्र, घटना से संबंधित रिपोर्ट, आधार और बैंक खाते का विवरण जैसे जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।

योगी सरकार ने किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई के लिए भी सहायता राशि बढ़ाई है। अब सिंचित क्षेत्र में फसल नुकसान पर मिलने वाली सहायता 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 22 हजार रुपये कर दी गई है। इसी तरह वर्षा आधारित क्षेत्रों में फसल नुकसान की सहायता राशि 8,500 रुपये से बढ़ाकर 11 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है।
बागवानी और कृषि वानिकी से जुड़ी फसलों के नुकसान पर मिलने वाली सहायता राशि 22,500 रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की गई है। रेशम उत्पादन से जुड़ी फसलों के लिए सहायता छह हजार से बढ़ाकर 7,800 रुपये प्रति हेक्टेयर और गन्ने की फसल के लिए 7,500 से बढ़ाकर 9,800 रुपये प्रति हेक्टेयर की गई है। इसके अलावा कृषि भूमि के कटान और भूस्खलन जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान पर भी सहायता राशि के मानकों में बढ़ोतरी की गई है।

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