पश्चिम बंगाल के कोलकाता में शनिवार शाम चोरबागान दुर्गा पंडाल में भगदड़ मच गई। हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दो बच्चे भी शामिल हैं।
हादसे में 25 लोग घायल हैं, हालांकि कोलकाता मेडिकल कॉलेज के सूत्रों ने 20 लोगों की मौत और 45 से ज्यादा लोगों के घायल होने का दावा किया।
कोलकाता पुलिस के मुताबिक, शाम को बारिश होने लगी, इससे बचने के लिए कई लोग पंडाल के अंदर रुक गए।
शाम 7:40 बजे बाहर खड़ी भीड़ भी पंडाल में आने की काेशिश करने लगी। इससे धक्का-मुक्की होने लगी और भगदड़ मच गई।
हादसे के बाद पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और लोगों की एंट्री रोक दी गई। शहर के कई दूसरे दुर्गा पूजा पंडाल भी बंद करा दिए गए हैं।
गौरतलब है कि कोलकाता में दुर्गा पूजा के लिए लगभग 3500 पंडाल बनाए गए हैं। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है।
चोरबागान भगदड़ हादसे पर सरकार का एक्शन
- चोरबागान दुर्गा पूजा आयोजक क्लब के पदाधिकारियों, निजी सुरक्षा गार्डों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है।
- भारी भीड़ खींचने वाले कई ‘थीम-बेस्ड’ पंडाल आयोजकों को सलाह दी है कि वे अपने पंडालों को कुछ समय के लिए बंद कर दें।
- सरकार ने 25 लाख रुपए के मुआवजे और अपने किसी करीबी को खोने वाले हर परिवार को एक नौकरी देने की घोषणा की है।
- घायलों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार ने ली है। उनमें से प्रत्येक को मुआवजे के तौर पर 5 लाख रुपए देगी।
- कलकत्ता हाईकोर्ट के मौजूदा जज के नेतृत्व में फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई जाएगी।






