तृणमूल कांग्रेस में बगावत के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बागियों को ऑफर देते हुए कहा कि वे वापस आ जाएं, एक घंटे में वह इस्तीफा दे देंगे. अभिषेक बनर्जी ने शनिवार बागी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि अगर ममता बनर्जी के तृणमूल पार्टी से दूरी बनाने और ऋतब्रत गुट या NCPI में शामिल होने की वजह वे हैं, तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं. अगर कालीघाट छोड़ने वाला कोई भी नेता वापस आता है, तो वह एक घंटे के अंदर इस्तीफा दे देंगे.
बागियों के निशाने पर हैं अभिषेक बनर्जी
बाद में, जैसे-जैसे समय बीता, यह देखा गया कि ममता बनर्जी के लगभग सभी पुराने समर्थक ग्रुप में ऋतब्रत समूह के तृणमूल में शामिल होने चले गए, लेकिन एक बात थी जो उन सब में बहुत ‘कॉमन’ थी.
ममता का साथ छोड़ने से पहले, सबने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा. कुछ ने कहा कि अभिषेक बनर्जी की वजह से पार्टी हारी. कुछ ने कहा कि अभिषेक और AIPAC की वजह से पार्टी खत्म हो गई. कुछ ने फिर कहा कि यह अभिषेक का बहुत बड़ा घमंड है. वे सुप्रीमो ममता से नहीं मिल पाए, वगैरह-वगैरह. एक शब्द में कहें तो अभिषेक सभी बागियों का ‘कॉमन टारगेट’ थे.
बागियों को अभिषेक बनर्जी की चुनौती
इतने समय के बाद, अभिषेक बनर्जी ने इस बार बागियों को एक बड़ा चैलेंज दिया. उन्होंने कहा, तुम में से कोई एक वापस आ जाओ. मैं 1 घंटे के अंदर इस्तीफा दे दूंगा. उन्होंने आगे कहा, मैं उन लोगों से कह रहा हूं जिन्हें दिक्कत है, वे कह रहे हैं कि हार के लिए मैं जिम्मेदार हूं. तो जब टीम जीती, तो मैं भी जिम्मेदार था. मैं उन लोगों से कह रहा हूं जिन्हें मुझसे दिक्कत है. लोग बेवकूफ नहीं हैं. आज 18 तारीख है, तुम 19 तारीख को आना, 20 तारीख को, जब आना. आज आओ. तुम वापस आना, मैं 1 घंटे के अंदर इस्तीफा दे दूंगा.
इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा, असल में, उनमें से कोई वापस नहीं आएगा. डील यह है कि वहां जाओ और अभिषेक बनर्जी को गाली दो. मैं तुम्हें जिंदा रखूंगा. ED-CBI में से कोई उन्हें नहीं पकड़ेगा.
हर एक्शन का होता है उल्टा रिएक्शन
वहीं, आमतला में पार्टी ऑफिस बुलडोजर से गिराने पर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि “हर एक्शन का बराबर और उल्टा रिएक्शन होता है.अगर वे 2031 में सत्ता में वापस आए, तो वे इसी तरह केस और लीगल एक्शन के जरिए जवाब देंगे. उन्होंने कहा, “BJP नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि हर एक्शन का बराबर और उल्टा रिएक्शन होता है.”
गौर करने वाली बात यह है कि विधानसभा चुनाव में तृणमूल की करारी हार के बाद पार्टी के एक बड़े हिस्से ने अभिषेक के खिलाफ शिकायतें और आपत्तियां उठाई हैं, लेकिन ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और पार्टी के जनरल सेक्रेटरी के साथ खड़े रहने का मैसेज दिया है. और इसके लिए ऋतब्रत गुट या NCPI में शामिल हुए विधायक और सांसद ममता पर निशाना साधते दिखे हैं. ऐसे में, इतने लंबे समय से एकतरफा हमलों का निशाना बन रहे अभिषेक बनर्जी को शनिवार दोपहर खुद अभिषेक ने इस्तीफे की शर्त पर जवाबी चुनौती दी.
