अरब सागर में भारतीय नौसेना ने एक बड़ा और सफल बचाव अभियान चलाकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। नौसेना ने सोमालिया के समुद्री लुटेरों के कब्जे में मौजूद ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अज़िनी (Azini)’ के सभी 20 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया।
यह अभियान 48 घंटे तक चला और मुंबई से लगभग 3,000 किलोमीटर दूर समुद्र में पूरा किया गया।
1. आखिर पूरा मामला क्या था?
29 अक्टूबर 2026 को सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास समुद्री लुटेरों ने ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज अज़िनी को अगवा कर लिया था।
- जहाज पर कुल 20 क्रू सदस्य मौजूद थे।
- जहाज पर करीब 12 हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने कब्जा किया था।
- घटना सोमालिया के बंदर बायला और हाफुन तटीय इलाकों के बीच हुई।
- समुद्री लुटेरों के कब्जे के बाद जहाज के इस्तेमाल से दूसरे व्यापारिक जहाजों पर हमले होने का खतरा था।
जानकारी के मुताबिक, भारतीय नौसेना ने इस अभियान में भारतीय वायुसेना की भी मदद ली।
अभियान में शामिल प्रमुख संसाधन:
- भारतीय नौसेना का युद्धपोत।
- समुद्री निगरानी विमान।
- मरीन कमांडो (MARCOS)।
- भारतीय वायुसेना का C-17 विमान।
नौसेना ने लगातार निगरानी करके जहाज का पता लगाया और उसे रोका। इसके बाद कमांडो की मदद से जहाज और उसके चालक दल को समुद्री लुटेरों के कब्जे से मुक्त कराया गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना और वायुसेना को इस सफल अभियान के लिए बधाई दी।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि नौसेना ने 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर जाकर 48 घंटे के सुनियोजित अभियान में सभी 20 लोगों को सुरक्षित बचाया।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
5. भारत के लिए यह ऑपरेशन क्यों महत्वपूर्ण है?
इस अभियान के कई बड़े मायने हैं:
- समुद्री सुरक्षा: समुद्री लुटेरों के हमलों को रोकने में मदद।
- अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी: दूसरे देश के नागरिकों की जान बचाना।
- व्यापारिक सुरक्षा: अरब सागर और हिंद महासागर के व्यापारिक मार्गों की रक्षा।
- सैन्य तालमेल: भारतीय नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय।
मीडिया रिपोर्टों में लुटेरों को जहाज से काबू में किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उनकी आगे की कानूनी कार्रवाई और उन्हें किस देश में मुकदमे के लिए ले जाया जाएगा, इसकी पूरी आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
भारतीय नौसेना ने 48 घंटे के अभियान में 20 लोगों की जान बचाकर समुद्र में अपनी बचाव और सुरक्षा क्षमता का परिचय दिया। यह अभियान 2 नवंबर 2026 को सफलतापूर्वक पूरा हुआ।‘भारतीय वायुसेना के समय पर मिले सहयोग से भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों के चंगुल से क्रू मेंबर्स और जहाज को तुरंत ढूंढ़ निकालना, उन्हें रोकना और सुरक्षित छुड़ा लेना भारतीय नौसेना की उच्च परिचालन तत्परता और पूरे क्षेत्र में समुद्री खतरों का निर्णायक रूप से सामना करने की क्षमता को दर्शाता है. हमारे बहादुर जवानों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत के पास लोगों की जान बचाने, समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने की क्षमता इरादा और संकल्प है. भारत ‘सुरक्षित समुद्र’ (SAFE SEAS) सुनिश्चित करने और एक मुक्त, खुले व सुरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र को बनाए रखने के अपने संकल्प पर दृढ़ है.’






