ऑनलाइन गेमिंग के कारण आत्महत्या और कर्ज में डूबने की घटनाओं को देखते हुए सरकार बेटिंग वाले सभी ऑनलाइन गेमिंग पर रोक लगाने जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय द्वारा लाया जा रहा ऑनलाइन गेमिंग बिल लोकसभा में पेश किया गया। बेटिंग को अपराध माना जाएगा जिसमें सात साल की कैद और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
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ऑनलाइन गेमिंग की वजह से किसी बच्चे ने आत्महत्या कर ली तो कई लोग कर्ज में डूब गए और उनकी जिंदगी तबाह हो गई। ऐसी खबरें आए दिन पढ़ने को और सुनने को मिलती है। इसे देखते हुए ही सरकार अब बेटिंग या बाजी या जुआ लगाने वाले सभी ऑनलाइन गेमिंग पर रोक लगाने जा रही है। यहां तक कि जिस किसी ऑनलाइन गेम में पैसा जुड़ा है चाहे वह गेम स्किल का हो या फिर चांस का, उन सभी को प्रतिबंधित किया जा सकता है।
टीम बनाइए और दो घंटे में करोड़पति बन जाइए… ये लाइनें आपने टीवी पर जरूर सुनी होंगीं, जब किसी ऑनलाइन गेमिंग ऐप का विज्ञापन दिखाया जाता है तो लोगों को इसी तरह के लालच दिए जाते हैं. तमाम परेशानियों से जूझ रहे लोग करोड़पति बनने के सपने वाले इस झांसे में आकर अपनी कमाई लगाने लगते हैं और फिर इस ऑनलाइन सट्टे के जाल में फंसकर अपनी कमाई लुटाते हैं. इसी बीच अब ऑनलाइन गेमिंग को लेकर एक बिल संसद में पेश किया गया है. इसमें ऑनलाइन गेमिंग और विज्ञापनों पर बैन लगाने की बात कही गई है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या ड्रीम-11 और ऐसे तमाम ऐप्स भी अब बैन हो जाएंगे?
क्या है ऑनलाइन गेमिंग बिल?
जिस बिल को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद संसद में पेश किया गया है, उसका पूरा नाम प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 है. इसका मकसद ऑनलाइन गेमिंग में ट्रांजेक्शन और विज्ञापन को पूरी तरह से बैन करने का है. यानी ऑनलाइन गेमिंग में आप पैसों का लेनदेन नहीं कर सकते हैं. अगर कोई गेमिंग ऐप ऐसा करती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जेल तक का प्रावधान है. कुल मिलाकर ऑनलाइन सट्टेबाजी वाले ऐप्स अब इस बिल के बाद नपने वाले हैं.
ऑनलाइन सोशल गेम्स को बढ़ावा
बताया गया है कि इस बिल के जरिए ऐसे ऑनलाइन गेम तो बैन किए जाएंगे, जिनमें लोग पैसा लगाते हैं… लेकिन इससे ऑनलाइन सोशल गेम्स (कैंडी क्रश, लुडो) और ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा. जिससे भारतीय स्टार्टअप्स को बूस्ट मिलेगा और गेमिंग का एक नया बाजार तैयार होगा. यानी बिना रिस्क वाले ऑनलाइन गेम्स को इससे बढ़ावा मिल सकता है.
तीन साल तक की जेल का प्रावधान रखा गया
- बिल में प्रस्ताव है कि कानून बनने के बाद इसका उल्लंघन कर ऑनलाइन मनी गेमिंग सर्विस देने वालों को तीन साल तक की जेल या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं.
- नियमों का उल्लंघन करके विज्ञापन देने वालों के लिए भी प्रावधानों में दो साल तक की कैद या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है.
- ऐसे ही किसी भी तरह के लेन-देन में शामिल लोगों को भी सजा दी जाएगी. बार-बार उल्लंघन करने वालों को पांच साल तक की सजा के साथ जुर्माना लगाया जा सकता है.
क्या खेलने वालों को भी मिलेगी सजा?
अब सवाल है कि क्या ऑनलाइन गेमिंग में पैसा लगाने वालों को भी इसमें सजा मिलेगी? बिल में साफ किया गया है कि ये किसी भी ऐसे शख्स को अपराधी नहीं बनाता है जो ऑनलाइन गेम खेल रहा हो. इसमें उन्हें अपराध करने वालों की कैटेगरी में नहीं, पीड़ितों की कैटेगरी में रखा गया है. ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा देने या फिर इसे करवाने वाले लोगों को ही इससे परेशानी होगी