फतेहपुरः उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मकबरे को लेकर हुए बवाल मामले में सरकार को 80 पन्ने की रिपोर्ट भेजी गई है. यह रिपोर्ट प्रयागराज कमिश्नर विजय विश्वास पंत और प्रयागराज आईजी अजय मिश्रा ने तैयार की है. प्रयागराज कमिश्नर और आईजी प्रयागराज ने 6 दिन तक फतेहपुर में कैंप किया और डिटेल रिपोर्ट तैयार की. रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि फतेहपुर के डाक बंगला से भीड़ कैसे मकबरा तक पहुंची? साथ ही मकबरे और आसपास के विवादित जमीन के मामले को भी रिपोर्ट में उजागर किया गया
क्या जिला प्रशासन ने हिंदू संगठनों से की थी बात ?
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि जब हिंदू संगठनों ने मकबरे पर एकत्रित होने को लेकर लोगों से अपील की थी तो क्या जिला प्रशासन ने उन संगठनों से बातचीत की थी या नहीं. प्रयागराज कमिश्नर विजय विश्वास पंत और प्रयागराज आईजी अजय मिश्रा ने संयुक्त रूप से यह रिपोर्ट तैयार की है. दरअसल, फतेहपुर में हुए बवाल के बाद शासन के तरफ से आईजी प्रयागराज और एसपी प्रयागराज को लापरवाही मामले में जवाब मांगा गया था. इसी पर रिपोर्ट तैयार कर भेजा गया है.
रिपोर्ट में जमीन गाटा संख्या भी बताई गई
आपको बता दें की सूत्रों के मुताबिक मकबरे की जमीन गाटा संख्य – 753 का जिक्र इस रिपोर्ट में किया गया है. गाटा संख्या 753 में मकबरा राष्ट्रीय संपत्ति के तौर पर दर्ज बताया गया है. इस रिपोर्ट में मकबरे का मालिक आना हक से लेकर उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वर्क बोर्ड में दर्ज होने का पूरा विवरण प्रयागराज कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है. यही नहीं गाटा संख्या 753 के साथ-साथ गाटा संख्या 1159 का भी उल्लेख इस रिपोर्ट में किया गया है. गाटा संख्या 1159 के 6 नंबर पर ठाकुर जी विराजमान मंदिर भी दर्ज है. इसके अलावा यहां की विवादित जमीन का भी जिक्र है.