भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग का एक नया अध्याय खुल गया है, जहाँ भारत अब रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है। यह कदम न केवल भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायक है, बल्कि रूस के लिए भी आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो रहा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत ने रूस से 38% कच्चे तेल के आयात किए हैं, जो पिछले वर्षों से काफी अधिक है। इससे भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है।
दूसरी ओर, भारत में आईफोन उत्पादन की गति तेज हो गई है, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान का प्रतीक है। 2025 के पहले छह महीनों में भारत ने 23.9 मिलियन आईफोन का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 53% अधिक है। एप्पल ने अब पांच कारखानों में उत्पादन बढ़ाया है, जिसमें टाटा और फॉक्सकॉन की भूमिका प्रमुख है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि भारत वैश्विक सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है।
अमेरिकी बाजार के लिए बने आईफोन अब भारत से ही निर्यात हो रहे हैं, जो ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीतियों के बावजूद एक बड़ी सफलता है।
भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए अग्नि मिसाइल का परीक्षण कर रहा है, जो देश की सुरक्षा के लिए अहम है अगस्त 2025 में अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया गया, जो 5,000 किलोमीटर से अधिक की रेंज वाला न्यूक्लियर-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल है। यह परीक्षण रणनीतिक बल कमांड के तहत किया गया और सभी तकनीकी मापदंडों को पूरा किया।
डिएगो गार्सिया जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर नजर रखते हुए, भारत अपनी सैन्य ताकत को और बढ़ा रहा है, जो चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के खिलाफ एक मजबूत प्रतिरोध है।
ट्रंप प्रशासन की ओर से भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ ने दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा कर दिया है। 🇺🇸 ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत को दंडित करने का फैसला लिया, लेकिन भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इसे जारी रखा। यह नीति भारत के गैर-संरेखण सिद्धांत को दर्शाती है, जहाँ हम किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहते।
हालाँकि, यह स्थिति आर्थिक चुनौतियाँ पैदा कर रही है, लेकिन भारत विविधीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
फिर भी, भारत अपनी प्रगति के रास्ते पर दृढ़ है और हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। चाहे ऊर्जा, तकनीक हो या रक्षा, भारत सभी मोर्चों पर मजबूत कदम उठा रहा है। यह गौरव का विषय है कि हमारा देश विश्व मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। 🎉🇮🇳 ट्रंप के दबाव के बावजूद, भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम रहेगा।
आइए, हम सभी मिलकर भारत की इस यात्रा का हिस्सा बनें और देश को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ। अपनी मेहनत से हम एक नई क्रांति ला सकते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।