मात्र 1 ग्राम यूरेनियम में इतनी शक्ति होती है कि इससे लगभग 24,000 किलोवाट-घंटे ऊर्जा उत्पन्न की जा सकती है। इतनी ऊर्जा से भारत के लगभग 12 घरों को पूरे साल लगातार बिजली मिल सकती है, जो इसकी अद्भुत शक्ति को दर्शाता है।
अगर इस छोटे से गाँव को परमाणु ऊर्जा संयंत्र में इस्तेमाल किया जाए, तो यह इतनी ऊर्जा दे सकता है कि 1,00,000 लीटर डीज़ल भी छोड़ दे। यही कारण है कि यूरेनियम को भविष्य का सबसे शक्तिशाली ऊर्जा स्रोत माना जाता है।
यह जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत है।यह जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत है। एक ग्राम यूरेनियम से 24,000 किलोवाट-घंटे ऊर्जा उत्पन्न नहीं की जा सकती है; वास्तव में, पूर्ण विखंडन से प्रति ग्राम यूरेनियम-235 से लगभग 200 मिलियन जूल ऊर्जा निकलती है, जो 24,000 किलोवाट-घंटे से बहुत कम है। यह ऊर्जा को अत्यधिक केंद्रित मात्रा में उत्पन्न करने की क्षमता दर्शाता है, लेकिन बताई गई मात्रा वास्तविक से बहुत अधिक है।
सही जानकारी
- ऊर्जा की मात्रा: यूरेनियम के एक ग्राम के पूर्ण विखंडन से लगभग 200 मिलियन जूल ऊर्जा निकलती है।
- तुलना: यह ऊर्जा लगभग 4.5 टन उच्च श्रेणी के कोयले के बराबर है।
- क्षमता का कारण: यूरेनियम की इस ऊर्जा को परमाणु विखंडन नामक प्रक्रिया से प्राप्त किया जाता है।
- गलत जानकारी का स्रोत: 24,000 किलोवाट-घंटे का आँकड़ा अक्सर गलत सूचनाओं के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जो शायद यूरेनियम की विशाल ऊर्जा क्षमता को उजागर करने के लिए अतिशयोक्तिपूर्ण है, लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।